चुनाव आयोग ने विधानसभावार जो आंकड़े जारी किए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। कोलकाता उत्तर के जोड़ासांकू से रिकार्ड 72,900 वोटर के नाम कटने की खबर है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में मतदाता सूची से हटाए गए (ड्रॉप) नामों की संख्या, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम से चार गुना ज्यादा है।
बंगाल में मतदाता सूची नवीनीकरण (एसआईआर) प्रक्रिया खत्म होते ही बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। चुनाव आयोग ने विधानसभावार जो आंकड़े जारी किए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। कोलकाता उत्तर के जोड़ासांकू से रिकार्ड 72,900 वोटर के नाम कटने की खबर है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में मतदाता सूची से हटाए गए (ड्रॉप) नामों की संख्या, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम से चार गुना ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक, भवानीपुर सीट पर करीब 45 हजार नाम हटाए गए हैं, जबकि नंदीग्राम में यह संख्या सिर्फ 10,599 है। दोनों नेताओं के बीच वोटों का यह गणित भविष्य की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। कमीशन के मुताबिक, ये नाम मृत्यु, एक से अधिक जगह पंजीकरण (डुप्लीकेट), या स्थायी रूप से पलायन के कारण हटाए गए हैं। 2021 विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम में 1,956 वोटों से हार मिली थी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव जीता था। यह माना जाता है कि भवानीपुर में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो किराए पर रहते हैं या व्यावसायिक कारणों से आते-जाते रहते हैं। 45 हजार नाम हटने का मतलब है कि लगभग 28' मतदाताओं को बाहर कर दिया गया है। शुभेंदु की नंदीग्राम सीट पर नाम हटने की दर (3.8') काफी कम है। इस स्थिरता को ग्रामीण क्षेत्रों में वोटर बेस की मजबूती से जोडक़र देखा जा रहा है। 2021 में ममता के हारने के बाद भवानीपुर उपचुनाव में ममता की जीत का अंतर 58,835 वोट था। अब मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सिर्फ मुख्यमंत्री का क्षेत्र ही नहीं, बल्कि कोलकाता के कई मंत्रियों के क्षेत्रों में नाम हटाने की संख्या बहुत ज्यादा है, जो राज्य में सबसे अधिक है। कोलकाता पोर्ट जहाँ से फिरहाद हकीम विधायक हैं इस सीट से 63,730 नाम हटाए गए यह राज्य में हटाए गए सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है। वही टॉलीगंज जहाँ से अरूप विश्वास चुनाव जीतते आ रहे हैं इस सीट से 35,309 नाम ड्रॉप किये गये हैं। वही बात जिले की करे तो तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले दक्षिण 24 परगना जिले में कुल 8 लाख 16 हजार 47 नाम हटाए गए हैं। उत्तर कोलकाता की चौरंगी सीट राज्य की सभी 294 सीटों में टॉप पर है, जहां 74,553 नाम हटाए गए हैं। एसआईआर के पहले चरण में पूरे बंगाल में 58 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। मंगलवार को चुनाव आयोग मसौदा मतदाता सूची जारी करेगा। इसके बाद मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।
विधानसभा कुल वोटर नाम कटे प्र्रतिशत
जोड़ासांकू 197,839 72,900 36.85%
चौरंगा 2,10246 74,553 35.46%
कोलकाता पोर्ट 2,43,452 63,730 26.18%
भवानीपुर 2,06,295 44,786 21.71%